बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर घर-घर प्रचार कर भाजपा के मजबूत वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रहे हैं। जानिए सीट का राजनीतिक इतिहास और चुनावी समीकरण।

पटना। बिहार की बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में राजनीतिक मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भाजपा के मजबूत गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर घर-घर जनसंपर्क अभियान चलाकर मतदाताओं तक पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि यह चुनाव सिर्फ एक सीट का नहीं, बल्कि बिहार में नई राजनीति की शुरुआत का प्रयास है।

हाल के दिनों में प्रशांत किशोर ने वार्ड 29 और 35 समेत कई इलाकों में पदयात्रा कर लोगों से सीधे संवाद किया। उन्होंने स्थानीय समस्याओं को सुना और बड़े भाषणों के बजाय व्यक्तिगत संपर्क पर जोर दिया। हालांकि, बांकीपुर में भाजपा का करीब तीन दशक पुराना मजबूत जनाधार उनकी राह आसान नहीं बनने दे रहा है।

करबिगहिया, चिरैयाटांड़, खासमहल और चांदमारी रोड जैसे क्षेत्रों में भाजपा की मजबूत पकड़ मानी जाती है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, इस सीट पर चुनावी नतीजों में सामाजिक समीकरण, स्थानीय मुद्दे और संगठन की ताकत अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशांत किशोर भाजपा के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगा पाएंगे या भाजपा एक बार फिर अपने गढ़ को बचाने में सफल होगी।