देहरादून: उत्तराखंड के दो नन्हे पर्वतारोही, मास्टर रियांश पंत (9) और प्रिशा रावत (10), ने अफ्रीका के सबसे ऊँचे शिखर माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की और तिरंगा फहराया। इस उपलब्धि पर उन्हें मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलने का अवसर मिला।
मुख्यमंत्री के साथ मुलाक़ात
मुख्यमंत्री धामी ने दोनों बच्चों को उनकी अद्भुत उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी और भविष्य के लिए शुभकामनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने कहा, "इतनी कम उम्र में किलिमंजारो जैसी कठिन शिखर पर चढ़ना साहस, दृढ़ निश्चय और आत्मविश्वास का प्रतीक है। इस सफलता ने उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया है और हमारे युवा वर्ग को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा दी है।"
"उत्तराखंड के बच्चों में प्रतिभा, साहस और क्षमता की कोई कमी नहीं है। हम युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर मंच प्रदान करने के लिए निरंतर काम करेंगे," धामी ने जोड़ा।
बच्चों की पृष्ठभूमि और यात्रा
- रियांश पंत, 9 वर्ष, अल्मोड़ा के चीनाखान गाँव के निवासी।
- प्रिशा रावत, 10 वर्ष, नैनीताल जिले के बैलपड़ाव गाँव की रहने वाली।
- दोनों ने 22 अगस्त 2026 को माउंट किलिमंजारो की चोटी पर झंडा फहराया।
उनकी यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि प्रदेश के अन्य बच्चों और युवाओं के लिए एक प्रेरक उदाहरण भी बन गई है। राज्य सरकार अब भी युवा साहसिक खेलों, पर्वतारोहण और अन्य क्षेत्रों में प्रतिभाओं को पहचानने और समर्थन देने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।


