झारखंड हाईकोर्ट ने आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की सिटी सेंटर परियोजना से जुड़े भूमि विवाद में जियाडा द्वारा 27 अक्टूबर 2021 को जारी लीज रद्द करने के आदेश को निरस्त कर दिया है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने कहा कि उस समय क्षेत्रीय निदेशक को लीज रद्द करने का अधिकार नहीं था, इसलिए आदेश कानूनी रूप से वैध नहीं है।
अदालत ने मामले को सक्षम प्राधिकारी के पास भेजते हुए निर्देश दिया कि कंपनी को नया कारण बताओ नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर दिया जाए और दो महीने के भीतर नया फैसला लिया जाए।
यह मामला फोरम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को वर्ष 2007 में 90 साल की लीज पर दी गई करीब 21.698 एकड़ जमीन से जुड़ा है, जहां होटल, अस्पताल, मल्टीप्लेक्स और शॉपिंग मॉल विकसित किए जाने थे। तय समय में परियोजना पूरी नहीं होने पर जियाडा ने 2021 में लीज रद्द कर दी थी।
कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि नया फैसला कंपनी के पक्ष में आता है, तो 2023 की नीलामी में शामिल 38 सफल बोलीदाताओं की जमा राशि 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटानी होगी। वहीं, फैसला जियाडा के पक्ष में होने पर प्राधिकरण नीलामी प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेगा। अब इस मामले में सभी की नजर सक्षम प्राधिकारी के नए निर्णय पर है।


